Monday, August 10, 2020
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Farmars Can Contract With Private Companies, Can Sell Products Outside Mandis, Central Government Listed Two New Laws – खुशखबर: किसानों के लिए खुला निजी कंपनियों से करार का रास्ता, मंडियों से बाहर बेच सकेंगे उत्पाद


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Jul 2020 07:07 AM IST

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किसानों की आमदनी और बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने निजी कंपनियों से करार का रास्ता खोल दिया है। कृषि मंत्रालय ने बैरियर फ्री फार्म ट्रेडिंग से जुड़े दो नए कानून सूचीबद्ध किए हैं। अब किसान अपने उत्पाद सरकारी मंडियों से बाहर भी किसी निजी कंपनी को बेच सकेेंगे।

सरकार ने 5 जून, 2020 को किसानों के लिए व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) कानून व मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवा कानून का प्रस्ताव दिया था। कृषि मंत्रालय ने 20 जुलाई को दोनों ही कानून सूचीबद्ध कर दिए हैं। पहले कानून के तहत किसान अपने उत्पाद की बिक्री सरकारी सूचीबद्ध मंडियों के बजाए राज्य के भीतर या दूसरे राज्य में निजी खरीदार अथवा कंपनी को कर सकता है।

किसानों को फसल तैयार होने से पहले ही उसका सौदा करने की भी छूट दी जाएगी। यह सौदा उपज-सिंचाई के समय, फार्म गेट, फैक्ट्री, भंडारगृह या कोल्ड स्टोरेज कहीं भी कर सकेंगे। किसानों को विशेष व्यापार क्षेत्र में ऑनलाइन बिक्री की भी सुविधा मिलेगी। इस प्लेटफॉर्म पर निजी कंपनियां, किसान उत्पादक संगठन और कृषि सहकारी समितियां मिलकर काम करेंगी।

किसान को तीन दिन में भुगतान जरूरी…
ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर सीधे किसानों से सौदा किया जा रहा है तो तत्काल भुगतान करना होगा। विशेष कारणों पर भुगतान में तीन दिन छूट दी जा सकती है। इसके बाद भी भुगतान नहीं होता है तो प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज देना होगा।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर 50 हजार से 10 लाख तक जुर्माना लगाया जाएगा। कार्रवाई के बाद भी अनियमितता होती है तो संबंधित कंपनी पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना लगाया जा सकता है।

राज्य नहीं वसूल सकेंगे लेवी या शुल्क
कृषि उत्पादों की बिक्री करने वाले किसानों से राज्य सरकारें लेवी, बाजार शुल्क अथवा सेस नहीं वसूल सकेंगी। कारोबारियों, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर कारोबार करने वाली कंपनियों, कृषि उत्पाद संगठनों व किसानों को भी शुल्क या लेवी से छूट मिलेगी।

विवाद निपटारे के लिए सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के पास आवेदन कर सकते हैं। मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवा कानून किसानों को फसल तैयार होने से पहले ही सौदा करने की सुरक्षा देता है। इससे किसान निजी कंपनियों के साथ अनुमान के आधार पर बिक्री करार कर सकेंगे।

सार

  • केंद्र सरकार ने दो नए कानून सूचीबद्ध किए, किसानों की आमदनी और बाजार तक पहुंच बढ़ेगी
  • 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नियम तोड़ने पर

विस्तार

किसानों की आमदनी और बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने निजी कंपनियों से करार का रास्ता खोल दिया है। कृषि मंत्रालय ने बैरियर फ्री फार्म ट्रेडिंग से जुड़े दो नए कानून सूचीबद्ध किए हैं। अब किसान अपने उत्पाद सरकारी मंडियों से बाहर भी किसी निजी कंपनी को बेच सकेेंगे।

सरकार ने 5 जून, 2020 को किसानों के लिए व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) कानून व मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवा कानून का प्रस्ताव दिया था। कृषि मंत्रालय ने 20 जुलाई को दोनों ही कानून सूचीबद्ध कर दिए हैं। पहले कानून के तहत किसान अपने उत्पाद की बिक्री सरकारी सूचीबद्ध मंडियों के बजाए राज्य के भीतर या दूसरे राज्य में निजी खरीदार अथवा कंपनी को कर सकता है।

किसानों को फसल तैयार होने से पहले ही उसका सौदा करने की भी छूट दी जाएगी। यह सौदा उपज-सिंचाई के समय, फार्म गेट, फैक्ट्री, भंडारगृह या कोल्ड स्टोरेज कहीं भी कर सकेंगे। किसानों को विशेष व्यापार क्षेत्र में ऑनलाइन बिक्री की भी सुविधा मिलेगी। इस प्लेटफॉर्म पर निजी कंपनियां, किसान उत्पादक संगठन और कृषि सहकारी समितियां मिलकर काम करेंगी।

किसान को तीन दिन में भुगतान जरूरी…
ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर सीधे किसानों से सौदा किया जा रहा है तो तत्काल भुगतान करना होगा। विशेष कारणों पर भुगतान में तीन दिन छूट दी जा सकती है। इसके बाद भी भुगतान नहीं होता है तो प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज देना होगा।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर 50 हजार से 10 लाख तक जुर्माना लगाया जाएगा। कार्रवाई के बाद भी अनियमितता होती है तो संबंधित कंपनी पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना लगाया जा सकता है।

राज्य नहीं वसूल सकेंगे लेवी या शुल्क
कृषि उत्पादों की बिक्री करने वाले किसानों से राज्य सरकारें लेवी, बाजार शुल्क अथवा सेस नहीं वसूल सकेंगी। कारोबारियों, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर कारोबार करने वाली कंपनियों, कृषि उत्पाद संगठनों व किसानों को भी शुल्क या लेवी से छूट मिलेगी।

विवाद निपटारे के लिए सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के पास आवेदन कर सकते हैं। मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवा कानून किसानों को फसल तैयार होने से पहले ही सौदा करने की सुरक्षा देता है। इससे किसान निजी कंपनियों के साथ अनुमान के आधार पर बिक्री करार कर सकेंगे।

The central government listed two new laws



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